गलत कोड से रेलवे को चूना, 120 से अधिक रेक का गैरकानूनी संचालन उजागर
रेलवे से जुड़े एक बड़े धोखाधड़ी मामले में जांच एजेंसियों ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 13.48 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने रेलवे के माल ढुलाई सिस्टम में गलत कोड का इस्तेमाल कर 120 से अधिक मालगाड़ियों (रेक) का अवैध परिवहन किया। इस फर्जीवाड़े से रेलवे को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया गया।
सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने माल की प्रकृति और श्रेणी बदलने वाले कोड का दुरुपयोग किया। कम शुल्क वाले कोड दिखाकर महंगे और अधिक चार्ज वाले माल का परिवहन किया गया, जिससे रेलवे को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। यह खेल लंबे समय तक चलता रहा और रिकॉर्ड में सब कुछ वैध दिखता रहा, जिससे शुरुआती स्तर पर किसी को शक नहीं हुआ।
मामला तब उजागर हुआ जब रेलवे अधिकारियों ने माल ढुलाई के आंकड़ों और वास्तविक परिवहन में अंतर पाया। इसके बाद विस्तृत ऑडिट और तकनीकी जांच कराई गई, जिसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आईं। जांच एजेंसियों ने लेन-देन, बैंक खातों और संपत्तियों की पड़ताल की तो पता चला कि अवैध कमाई से जमीन, मकान और अन्य अचल संपत्तियां खरीदी गई थीं।
इन्हीं तथ्यों के आधार पर संबंधित कानूनों के तहत 13.48 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है और जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि इस नेटवर्क में कई अन्य लोग और कंपनियां भी शामिल हो सकती हैं।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राजस्व से जुड़ी धोखाधड़ी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोड सिस्टम और निगरानी तंत्र को और सख्त किया जा रहा है। साथ ही दोषियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे चलाने की तैयारी भी की जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद रेलवे से जुड़े ठेकेदारों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों में खलबली मची हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रेलवे माल ढुलाई व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और बड़े घोटालों पर लगाम लगेगी।
![]()











