नए प्रावधानों से लाखों लाभार्थियों की पात्रता पर पड़ेगा प्रभाव
हरियाणा सरकार परिवार पहचान प्रणाली में बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत अब प्रत्येक परिवार की आर्थिक स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंच सके। इस नई व्यवस्था में “वर्थ वैल्यू” यानी परिवार की कुल संपत्ति और आय का आकलन प्रमुख आधार बनेगा।
राज्य में लागू परिवार पहचान पत्र (PPP) प्रणाली को पहले से ही विभिन्न सामाजिक और आर्थिक योजनाओं से जोड़ा गया है। अब सरकार डेटा को और सटीक बनाने के लिए आय, जमीन, वाहन, संपत्ति और अन्य वित्तीय विवरणों का समेकित विश्लेषण करने की दिशा में काम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इससे अपात्र लोगों की पहचान आसान होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
इन संभावित बदलावों का असर करीब 56 लाख लाभार्थियों पर पड़ सकता है, जो वर्तमान में विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। यदि किसी परिवार की आर्थिक स्थिति निर्धारित मानकों से ऊपर पाई जाती है, तो उसे कुछ योजनाओं से बाहर किया जा सकता है। वहीं, वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता देने की योजना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सामाजिक सुरक्षा तंत्र को अधिक लक्षित और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम साबित हो सकता है। हालांकि, विपक्षी दलों ने आशंका जताई है कि डेटा में त्रुटि या तकनीकी खामियों के कारण पात्र लोग वंचित न रह जाएं।
सरकार का कहना है कि किसी भी बदलाव से पहले व्यापक सत्यापन और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा। आने वाले समय में इस प्रणाली के नए स्वरूप से प्रदेश में योजनाओं के वितरण की प्रक्रिया और अधिक सुव्यवस्थित होने की उम्मीद है।
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