पालिका बाजार के व्यापारियों को राहत, बेदखली नोटिस पर अदालत की रोक

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Palika Bazaar

नगर निगम की कार्रवाई पर स्टे; आजीविका के अधिकार को माना प्राथमिक

हरियाणा के पानीपत स्थित पालिका बाजार के दुकानदारों को बड़ी राहत मिली है। नगर निगम द्वारा जारी किए गए ‘बेदखली नोटिस’ पर अदालत ने अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आजीविका का अधिकार संवैधानिक संरक्षण के दायरे में आता है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

जानकारी के अनुसार, नगर निगम ने बाजार क्षेत्र में कथित अतिक्रमण और नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए कई दुकानदारों को नोटिस जारी किए थे। नोटिस में निर्धारित समय सीमा के भीतर दुकानें खाली करने के निर्देश दिए गए थे। इसके खिलाफ प्रभावित दुकानदारों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और कार्रवाई को मनमाना बताया।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि वे वर्षों से यहां व्यवसाय कर रहे हैं और अचानक बेदखली से उनकी रोजी-रोटी पर गंभीर असर पड़ेगा। साथ ही यह भी कहा गया कि वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना ऐसी कार्रवाई उचित नहीं है।

अदालत ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए निगम की कार्रवाई पर रोक लगा दी और अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासनिक कार्रवाई कानून के दायरे में और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप होनी चाहिए।

इस फैसले के बाद पालिका बाजार के व्यापारियों में राहत की भावना है। व्यापारियों का कहना है कि वे नियमों के अनुरूप समाधान चाहते हैं और प्रशासन के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं। फिलहाल मामले की अगली सुनवाई तक बेदखली की कार्रवाई पर रोक रहेगी।

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