15 हजार करोड़ की परियोजना; आधे घंटे में सफर, फरीदाबाद तक मेट्रो विस्तार पर चर्चा
हरियाणा के गुरुग्राम से ग्रेटर नोएडा तक प्रस्तावित RRTS कॉरिडोर को लेकर मुख्यमंत्री स्तर पर अहम बैठक हुई। इस परियोजना पर करीब 15 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। बैठक में रूट अलाइनमेंट, फंडिंग मॉडल और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रस्तावित रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के माध्यम से दोनों शहरों के बीच यात्रा समय लगभग 30 मिनट तक सीमित करने का लक्ष्य है। वर्तमान में सड़क मार्ग से यह सफर ट्रैफिक के कारण काफी लंबा हो जाता है। परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि मेट्रो नेटवर्क का विस्तार फरीदाबाद तक बेहतर समन्वय के साथ किया जाए, ताकि यात्रियों को मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट की सुविधा मिल सके। अधिकारियों ने बताया कि RRTS और मेट्रो के बीच इंटरचेंज पॉइंट विकसित किए जाएंगे, जिससे यात्रियों का सफर सुगम होगा।
राज्य सरकार का मानना है कि इस कॉरिडोर से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और औद्योगिक व रियल एस्टेट सेक्टर को भी गति मिलेगी। साथ ही, यातायात दबाव कम होने से प्रदूषण में भी कमी आने की संभावना जताई गई है।
परियोजना को लेकर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और वित्तीय साझेदारी के मॉडल पर आगे की कार्रवाई जल्द तय की जाएगी। यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हुईं, तो निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा सकता है।
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