फर्जी ट्रैफिक नोटिस के बहाने डिजिटल जाल, कार्ड डिटेल्स से 11 स्मार्टफोन की ऑनलाइन खरीद
शहर में ऑनलाइन ठगी का नया तरीका सामने आया है, जिसमें जालसाजों ने ट्रैफिक नियम उल्लंघन का डर दिखाकर एक व्यक्ति से 3.35 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित के मोबाइल पर कथित ई-चालान का संदेश आया, जिसमें जुर्माना भरने के लिए एक लिंक भेजा गया था। संदेश को आधिकारिक समझकर उसने लिंक पर क्लिक किया और मांगी गई जानकारी भर दी। इसी दौरान उसके बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारियां अपराधियों के हाथ लग गईं।
कुछ ही देर में पीड़ित के फोन पर लगातार ओटीपी आने लगे। शुरुआत में उसे तकनीकी गड़बड़ी लगा, लेकिन जब बैंक से ट्रांजैक्शन अलर्ट मिला तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि ठगों ने उसके क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से 11 महंगे मोबाइल फोन खरीद लिए। कुल लेनदेन 3.35 लाख रुपये से अधिक का पाया गया।
पीड़ित ने तुरंत बैंक हेल्पलाइन पर संपर्क कर कार्ड ब्लॉक कराया और साइबर थाना में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर डिजिटल ट्रेल खंगालना शुरू कर दिया है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि फर्जी लिंक किसी विदेशी सर्वर से संचालित हो रहा था।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचें। ट्रैफिक चालान या सरकारी भुगतान से जुड़े संदेश केवल आधिकारिक पोर्टल से ही सत्यापित करें। बार-बार ओटीपी आना या संदिग्ध अलर्ट मिलना संभावित ठगी का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत बैंक और पुलिस से संपर्क करना ही सुरक्षित कदम है।
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