84 हजार रुपये निजी खातों में भेजने का आरोप, जांच के लिए कमेटी गठित
टीबी मरीजों को मिलने वाली पोषण सहायता राशि में अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक स्वास्थ्य कर्मचारी ने मरीजों के लिए निर्धारित राशि को गलत तरीके से निजी खातों में ट्रांसफर कर दिया। मामले की शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार सरकार की ओर से टीबी मरीजों को इलाज के दौरान पोषण सहायता के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। इस योजना के तहत पात्र मरीजों के खातों में नियमित रूप से राशि भेजी जाती है, ताकि उन्हें बेहतर पोषण मिल सके और उपचार के दौरान आर्थिक सहायता मिलती रहे।
आरोप है कि इस योजना के तहत आने वाली करीब 84 हजार रुपये की राशि वास्तविक लाभार्थियों तक नहीं पहुंची और उसे अन्य निजी खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। यह भी बताया जा रहा है कि इस मामले में एक सुपरवाइजर की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई। शिकायत मिलने पर अधिकारियों ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि किस स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी हुई।
अधिकारियों के अनुसार मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है, जो सभी दस्तावेजों और लेनदेन की जांच करेगी। जांच के दौरान संबंधित कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर जांच में आरोप सही पाए गए तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी दोबारा न हो।
फिलहाल कमेटी द्वारा मामले की सुनवाई और जांच प्रक्रिया जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
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