उच्च सदन के मतदान से पहले सियासी हलचल तेज

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Haryana Rajya Sabha election

विपक्षी खेमे के प्रतिनिधि कड़ी निगरानी में

हरियाणा में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मतदान से पहले सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच रणनीतिक बैठकों और संपर्क अभियान का दौर जारी है। इसी बीच विपक्षी दल के विधायकों को हिमाचल प्रदेश में एक साथ रखा गया है, जहां उनकी सुरक्षा और गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। बताया जा रहा है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें वहीं रखा जाएगा।

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार पार्टी नेतृत्व ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए विशेष रणनीति बनाई है। इसी के तहत उन्हें हिमाचल प्रदेश के एक सुरक्षित स्थान पर ठहराया गया है, जहां स्थानीय पुलिस की निगरानी भी बनी हुई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना बताया जा रहा है कि चुनाव से पहले किसी तरह की राजनीतिक जोड़-तोड़ या टूट-फूट की स्थिति न बने।

इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता और सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा को दी गई है। बताया जा रहा है कि वे लगातार विधायकों के संपर्क में हैं और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। पार्टी की ओर से यह भी कहा जा रहा है कि सभी विधायक एकजुट हैं और चुनाव में निर्धारित रणनीति के अनुसार ही मतदान करेंगे।

दूसरी ओर, एक निर्दलीय विधायक ने दावा किया है कि विपक्षी खेमे के करीब 10 विधायक उनके संपर्क में हैं। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। हालांकि विपक्षी दल के नेताओं ने ऐसे दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उनके सभी विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और किसी तरह की असंतोष की स्थिति नहीं है।

राज्यसभा चुनाव को लेकर हरियाणा की राजनीति में इस समय काफी हलचल बनी हुई है। राजनीतिक दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने और रणनीतिक बढ़त हासिल करने के लिए लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। चुनाव परिणाम आने तक सियासी गतिविधियां इसी तरह तेज रहने की संभावना जताई जा रही है।

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