पंचकूला के पूर्व चेयरमैन पहुंचे चुनाव आयोग: EVM के साथ VVPAT जोड़ने की मांग, सुप्रीम कोर्ट के फैसले की कॉपी सौंपी

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हरियाणा के पंचकूला के पूर्व चेयरमैन ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) के समक्ष पहुंचकर EVM के साथ VVPAT (Voter Verified Paper Audit Trail) को अनिवार्य रूप से जोड़ने की मांग की।

 क्या है पूरा मामला?

पूर्व चेयरमैन ने आयोग को एक ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि केवल EVM पर निर्भर रहना मतदाताओं के विश्वास को कमजोर कर सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि हर वोट के साथ VVPAT पर्ची का मिलान सुनिश्चित किया जाए, जिससे चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बने।

 सुप्रीम कोर्ट का हवाला

उन्होंने इस मांग के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले की कॉपी भी आयोग को सौंपी। उनका कहना है कि अदालत ने भी चुनाव में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया है, ऐसे में VVPAT का उपयोग बढ़ाना जरूरी है।

🗨️ क्या बोले पूर्व चेयरमैन?

पूर्व चेयरमैन ने कहा:

“लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि हर वोटर को अपने वोट की पुष्टि का भरोसा मिले। VVPAT इस दिशा में अहम भूमिका निभाता है।”

 चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया

चुनाव आयोग ने ज्ञापन को स्वीकार कर लिया है और इस पर विचार करने का आश्वासन दिया है। आयोग के अधिकारियों का कहना है कि पहले से ही कई चरणों में VVPAT का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन नई मांगों पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा।

 क्यों अहम है यह मुद्दा?

  • चुनाव में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ता है

  • वोटर को अपने वोट की पुष्टि मिलती है

  • किसी भी विवाद की स्थिति में पर्चियों से मिलान संभव

 यह मुद्दा आने वाले चुनावों को देखते हुए काफी अहम माना जा रहा है, और इस पर चुनाव आयोग का फैसला महत्वपूर्ण हो सकता है।

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