मंत्री ने जताई नाराजगी, विभागीय प्रक्रिया पर उठे सवाल
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एक फूड इंस्पेक्टर को दोबारा निलंबित किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद न केवल प्रशासनिक हलकों में हलचल है, बल्कि विभागीय प्रक्रियाओं को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। खास बात यह है कि संबंधित अधिकारी की बहाली और फिर दोबारा सस्पेंशन को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
राज्यमंत्री नागर ने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि आखिर किस स्तर पर इस अधिकारी को बहाल किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी ने नियमों के खिलाफ जाकर बहाली की है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के इस बयान ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
वहीं, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (DFSC) ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि बहाली का फैसला उनके कार्यभार संभालने से पहले ही हो चुका था। उन्होंने यह भी कहा कि वह पूरे मामले की जानकारी जुटा रहे हैं और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है। एक ही अधिकारी को पहले सस्पेंड करना, फिर बहाल करना और उसके बाद दोबारा निलंबित करना, यह दर्शाता है कि विभागीय स्तर पर समन्वय की कमी रही है।
स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हैं और लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर इस पूरे घटनाक्रम के पीछे असली वजह क्या है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलता है और क्या जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई होती है।
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