हरियाणा की सियासत में हालिया बयानबाजी के बीच सत्ताधारी दल ने फिलहाल सख्त कदम उठाने से दूरी बनाई है। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि कुलदीप बिश्नोई को अभी कोई नोटिस जारी नहीं किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ बड़ौली (संदर्भानुसार बड़ौली) ने कहा कि बिश्नोई इस समय विदेश में हैं और उनके लौटने के बाद आमने-सामने बैठकर स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि मौजूदा विवाद को टकराव की बजाय संवाद से सुलझाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में वरिष्ठ नेतृत्व भी सक्रिय हो गया है। बताया जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री मनहर लाल खट्टर (खट्टर) के हस्तक्षेप के बाद मामले को शांतिपूर्ण तरीके से निपटाने की कोशिशें तेज हुई हैं।
हाल के दिनों में दिए गए कुछ बयानों ने राजनीतिक हलकों में चर्चा को गर्म कर दिया था, जिसके बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, पार्टी ने फिलहाल संयम दिखाते हुए पहले पूरी स्थिति को समझने और संबंधित पक्ष का पक्ष सुनने का निर्णय लिया है।
विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे मामलों में जल्दबाजी में उठाया गया कदम राजनीतिक नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए नेतृत्व संतुलित रणनीति अपना रहा है। पार्टी के लिए यह भी अहम है कि अंदरूनी मतभेद सार्वजनिक विवाद में न बदलें और संगठनात्मक एकता बनी रहे।
अब सभी की नजरें बिश्नोई की वापसी पर टिकी हैं, जिसके बाद होने वाली बैठक में विवाद के मूल कारणों पर चर्चा होगी। माना जा रहा है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी ताकि आने वाले चुनावी माहौल में किसी तरह की असहज स्थिति से बचा जा सके।
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