नई दरें अप्रैल से लागू, सरकारी राजस्व में हजारों करोड़ की वृद्धि का अनुमान
हरियाणा सरकार ने संपत्ति से जुड़े राजस्व को बढ़ाने के उद्देश्य से कलेक्टर रेट में संशोधन की तैयारी पूरी कर ली है। नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी, जिनमें औसतन 5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर प्रदेश के तीन प्रमुख जिलों में देखने को मिलेगा, जहां संपत्ति की कीमतों में अधिक वृद्धि होने की संभावना है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, कलेक्टर रेट में यह बदलाव जमीन और संपत्ति के मौजूदा बाजार मूल्य को ध्यान में रखते हुए किया गया है। पिछले कुछ समय में रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी आई है, जिसके चलते सरकार ने दरों को अपडेट करने का निर्णय लिया है। इससे रजिस्ट्री के दौरान लगने वाले शुल्क और स्टांप ड्यूटी में भी वृद्धि होगी।
इस संशोधन के बाद राज्य सरकार को सालभर में करीब 13,099 करोड़ रुपये के अतिरिक्त राजस्व की उम्मीद है। यह राशि विकास कार्यों और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में उपयोग की जा सकती है। अधिकारियों का मानना है कि नए कलेक्टर रेट से पारदर्शिता बढ़ेगी और संपत्ति लेन-देन में वास्तविक कीमतों का प्रतिबिंब देखने को मिलेगा।
हालांकि, इस फैसले का असर आम लोगों और खरीदारों पर भी पड़ेगा। संपत्ति खरीदने वालों को अब पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ेगा, जिससे रियल एस्टेट बाजार में कुछ समय के लिए मंदी भी आ सकती है। वहीं, निवेशकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण संकेत है कि भविष्य में संपत्ति की कीमतों में और इजाफा हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए उठाया गया है, लेकिन इसके साथ ही सरकार को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
![]()











