कम उम्र में आपराधिक रिकॉर्ड, हिरासत के दौरान सीखे नए तरीके
हरियाणा के यमुनानगर में एक युवक के मामले ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। पैरोल पर बाहर गया कैदी जब वापस लौटा, तो उसके पास से प्रतिबंधित पदार्थ बरामद होने का मामला सामने आया। इस घटना ने जेल व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, आरोपी की उम्र महज 23 साल है, लेकिन उसके खिलाफ पहले से ही चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। पैरोल के दौरान वह बाहर गया था और लौटते समय उसके व्यवहार पर संदेह होने पर पुलिस और जेल प्रशासन ने जांच की। जांच में जो सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया।
बताया जा रहा है कि आरोपी ने नशा छिपाने के लिए बेहद चालाकी भरा तरीका अपनाया था। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि यह तरीका उसने जेल में ही सीखा। इस बात ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है कि जेल के अंदर इस तरह की जानकारी और नेटवर्क सक्रिय हो सकते हैं।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसे नशा कहां से मिला और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही जेल के अंदर संभावित लापरवाही या मिलीभगत की भी जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद प्रशासन ने जेलों में निगरानी और सख्ती बढ़ाने के संकेत दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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