भर्ती प्रक्रिया में बड़ा झटका: न्यूनतम अंक शर्त बनी रुकावट

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HPSC recruitment

तीन पदों की चयन सूची में बेहद कम अभ्यर्थी सफल

हरियाणा में सरकारी नौकरियों की एक अहम भर्ती प्रक्रिया में चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। राज्य की एक प्रमुख चयन संस्था द्वारा आयोजित तीन अलग-अलग पदों की भर्ती में बेहद कम अभ्यर्थी सफल हो पाए हैं। स्थिति यह रही कि कुल मिलाकर सिर्फ चार उम्मीदवार ही निर्धारित मानकों को पूरा कर सके।

सबसे अधिक हैरान करने वाली बात यह रही कि ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग विषय के लेक्चरर पद के लिए एक भी उम्मीदवार चयनित नहीं हो पाया। इसके पीछे मुख्य कारण न्यूनतम 35 प्रतिशत अंक का वह क्राइटेरिया माना जा रहा है, जिसे पास करना सभी अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य था।

जानकारों के अनुसार, परीक्षा का स्तर अपेक्षाकृत कठिन रहा, जिससे कई उम्मीदवार न्यूनतम अंक सीमा तक भी नहीं पहुंच सके। इसके चलते बड़ी संख्या में अभ्यर्थी चयन सूची से बाहर हो गए। इस स्थिति ने न केवल उम्मीदवारों को निराश किया है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े किए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है that ऐसी स्थिति में या तो परीक्षा के पैटर्न की समीक्षा की जानी चाहिए या फिर न्यूनतम अंक के नियम में कुछ लचीलापन लाने पर विचार किया जा सकता है। इससे योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या भविष्य में इस तरह की भर्तियों के लिए नियमों में बदलाव किया जाएगा या फिर प्रक्रिया को और अधिक व्यावहारिक बनाया जाएगा।

फिलहाल, यह मामला उन उम्मीदवारों के लिए एक सीख भी बनकर सामने आया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए बेहतर तैयारी और रणनीति बेहद जरूरी है। आने वाले समय में संबंधित विभाग द्वारा इस पर कोई निर्णय लिया जा सकता है।

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