लंबी कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्ताव पारित, विवादित विषय पर फिर होगी समीक्षा
हरियाणा की सियासत में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है, जहां पूर्व मुख्यमंत्री से जुड़े पेनल रेंट मामले पर फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया। मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि इस मुद्दे पर दोबारा समीक्षा की जाएगी। इससे साफ है कि सरकार अभी इस संवेदनशील विषय पर जल्दबाजी में निर्णय नहीं लेना चाहती।
इस बीच राज्य मंत्रिपरिषद की एक लंबी बैठक आयोजित की गई, जो करीब साढ़े छह घंटे तक चली। इस बैठक में कुल 18 अहम एजेंडों पर चर्चा की गई और उन्हें मंजूरी भी दी गई। हालांकि, सबसे ज्यादा ध्यान पेनल रेंट के मुद्दे पर ही केंद्रित रहा, जिस पर निर्णय टलने से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
सरकार का कहना है कि इस विषय में सभी कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं का गहराई से अध्ययन किया जाएगा, ताकि कोई भी फैसला पूरी तरह से न्यायसंगत और नियमों के अनुरूप हो। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि समीक्षा के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी काफी संवेदनशील है। ऐसे में सरकार हर पहलू को ध्यान में रखते हुए सतर्कता बरत रही है।
वहीं, बैठक में अन्य कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनका सीधा असर राज्य के विकास और प्रशासनिक कार्यों पर पड़ेगा। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से विभिन्न क्षेत्रों में सुधार और गति आएगी।
कुल मिलाकर, कैबिनेट बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए, लेकिन पेनल रेंट का मुद्दा अभी भी अधर में बना हुआ है। अब सभी की नजरें अगली समीक्षा बैठक पर टिकी हैं, जहां इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
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