समय सीमा के बावजूद जांच पूरी नहीं, उच्च स्तर पर फिर होगी समीक्षा बैठक
हरियाणा में सामने आए कथित वर्क स्लिप घोटाले को लेकर जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 1500 करोड़ रुपये से जुड़े इस मामले की जांच के लिए गठित कमेटी निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर सकी है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, इस मामले की जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया गया था, जिसे तय समय में अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी। मुख्यमंत्री द्वारा इसे समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए थे, ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सके। हालांकि, निर्धारित अवधि बीतने के बावजूद रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाई है।
सूत्रों के मुताबिक, कमेटी द्वारा अब तक कुछ पहलुओं पर काम किया गया है, लेकिन कई बिंदुओं पर अभी भी स्पष्टता नहीं बन पाई है। यही कारण है कि रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में देरी हो रही है। इस देरी ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जांच की गति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब इस मामले को लेकर एक बार फिर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें जांच की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। उम्मीद है कि इस बैठक के बाद कमेटी को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएंगे, ताकि रिपोर्ट जल्द से जल्द पूरी की जा सके।
यह मामला राज्य में पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दे को भी उजागर करता है। इतने बड़े स्तर की वित्तीय अनियमितता के आरोपों के बीच समय पर जांच पूरी होना बेहद जरूरी माना जा रहा है, ताकि दोषियों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
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