सफीदों फैक्ट्री अग्निकांड मामले में जन संघर्ष समिति ने किया प्रदर्शन

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Safidon fire incident

ज्ञापन सौंपकर 50 लाख मुआवजे व सरकारी नौकरी की उठाई मांग

सफीदों, (एस• के• मित्तल) : गीता कॉलोनी में फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड में मारी 12 महिलाओं के परिवार को न्याय दिलवाने के लिए बुधवार को जन संघर्ष समिति के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन से पूर्व सैकड़ों की संख्या में लोग नगर की पुरानी अनाज मण्डी में एकत्रित हुए। वहां से प्रदर्शन करते हुए सीधे मिनी सचिवालय पहुंचे और अग्निकांड में मारे व घायल हुए परिवारों को न्याय दिलवाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम सफीदों को सौंपा। इस मौके पर आरपीआई नेता सुनील गहलावत, सीपीआईएम जिला सचिव कॉमरेड कपूर सिंह, सीटू नेता कॉमरेड राधेश्याम हाट, पवन कुमार, कपूर सिंह रामनगर, किसान सभा के उपाध्यक्ष वेद प्रकाश अलेवा, जन संघर्ष मंच के नेता सुधीर शास्त्री, कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष ऋषिपाल हैबतपुर, पीड़ित परिवारों में श्रवण मुआना, जगदीश व अनिल विशेष रूप से मौजूद रहे। ज्ञापन में संघर्ष समिति ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि फैक्ट्री में श्रम कानूनों और सुरक्षा मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। आपात स्थिति से निपटने के लिए न तो वहां अग्निशमन उपकरण थे और न ही सुरक्षा किट। यह हृदयविदारक स्थिति गेट पर बाहर से ताला लगा होने के कारण मजदूर अंदर ही फंस गए और उन्हें मौत के मुंह में धकेल दिया गया। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां एक घंटे देरी से पहुंचीं, जो विभाग में संसाधनों की कमी को दर्शाता है। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने सरकार से निम्नलिखित ठोस कदम उठाने की मांग की है। जिनमें प्रत्येक मृतक के परिजन को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी दी जाए, घायल मजदूरों को 10 लाख रुपये का मुआवजा और मुफ्त इलाज की सुविधा मिले, फैक्ट्री मालिक व लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज हो, प्रदेश भर में चल रही अवैध और असुरक्षित फैक्ट्रियों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, मजदूर विरोधी चारों श्रम संहिताओं को तुरंत रद्द किया जाए। संघर्ष समिति ने दो-टूक शब्दों में कहा कि यदि सरकार और प्रशासन ने इन मांगों पर जल्द संज्ञान नहीं लिया, तो संगठन पूरे प्रदेश में मजदूरों को लामबंद कर एक बड़ा जन-आंदोलन शुरू करेगा।

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