कूलर-पंखा यूनिट से शुरू हुई आग ने 3 और फैक्ट्रियों को लिया चपेट में, केमिकल बना बड़ा कारण
हरियाणा में एक कूलर और पंखे बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास की तीन अन्य फैक्ट्रियां भी इसकी चपेट में आ गईं। दमकल विभाग को आग पर काबू पाने में करीब 12 घंटे का लंबा समय लग गया, जिसके बाद हालात नियंत्रित हो सके।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग फैक्ट्री के अंदर अचानक भड़की और कुछ ही देर में पूरे परिसर में फैल गई। आग की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लपटें दूर से ही दिखाई दे रही थीं और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर भागकर अपनी जान बचाई।
दमकल विभाग ने हालात की गंभीरता को देखते हुए तीन जिलों से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर बुलाईं। लगातार घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। अधिकारियों के मुताबिक, फैक्ट्री के बेसमेंट में रखे केमिकल्स ने आग को और अधिक भड़काने का काम किया, जिससे बुझाने में काफी कठिनाई आई।
इस घटना में करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है, हालांकि किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने पूरे इलाके को घेरकर सुरक्षा के इंतजाम किए और लोगों को फैक्ट्री के पास जाने से रोका।
फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या केमिकल रिएक्शन को वजह माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
यह घटना एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि फैक्ट्रियों में ज्वलनशील पदार्थों के सुरक्षित भंडारण और फायर सेफ्टी उपायों का सख्ती से पालन बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
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