स्कूलों में जरूरी सामग्री न पहुंचने से वैकल्पिक तरीकों का सहारा
Chandigarh में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक चिंताजनक स्थिति सामने आई है, जहां बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद सरकारी स्कूलों में छात्रों को जरूरी पाठ्य सामग्री उपलब्ध नहीं हो सकी है। इस समस्या का असर सीधे तौर पर हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, शहर के 100 से अधिक सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इस कमी से जूझ रहे हैं। सत्र शुरू हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब तक उन्हें निर्धारित किताबें नहीं मिल पाई हैं। इसके चलते शिक्षकों और छात्रों को वैकल्पिक उपाय अपनाने पड़ रहे हैं।
स्कूल प्रशासन फिलहाल डिजिटल माध्यम का सहारा लेकर पढ़ाई जारी रखने की कोशिश कर रहा है। छात्रों को पीडीएफ फाइल्स के जरिए सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि उनकी पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित न हो। हालांकि, सभी छात्रों के पास स्मार्टफोन या डिजिटल संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, जिससे यह व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पा रही।
इस स्थिति ने अभिभावकों और शिक्षा से जुड़े लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है। उनका कहना है कि जब पहले ही इतनी बड़ी राशि खर्च की जा चुकी है, तो समय पर किताबें क्यों नहीं पहुंच पाईं। यह सवाल प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी उठ रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की लापरवाही से छात्रों की बुनियादी शिक्षा पर असर पड़ सकता है। समय पर पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराना बेहद जरूरी होता है, ताकि विद्यार्थी पाठ्यक्रम के अनुसार अपनी पढ़ाई कर सकें।
अब उम्मीद की जा रही है कि संबंधित विभाग जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करेगा और छात्रों को आवश्यक किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि उनकी पढ़ाई सामान्य रूप से जारी रह सके।
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