श्रद्धालुओं ने किया स्नान व हवन
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : नगर के प्राचीन एवं पौराणिक महत्व वाले नागक्षेत्र सरोवर में अमावस्या के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। अखिल भारतीय ब्राह्मण संसद व नागक्षेत्र सुधार समिति के तत्वावधान में यहां स्नान, हवन और तीर्थ परिक्रमा का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह श्रद्धालुओं द्वारा नागक्षेत्र सरोवर में विधिवत स्नान से हुई। स्नान के बाद श्रद्धालु नागक्षेत्र मंदिर परिसर में एकत्रित हुए, जहां उन्होंने पंडित संजीव गौतम के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विशाल हवन का आयोजन किया गया। इसके उपरांत श्रद्धालुओं ने भगवान के नाम का जाप करते हुए नागक्षेत्र सरोवर की परिक्रमा की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा अपने परिवार के कल्याण की कामना की। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष संजीव गौतम ने कहा कि नागक्षेत्र सरोवर और मंदिर का इतिहास लगभग 5000 वर्ष पुराना है, जो महाभारतकालीन आस्था और परंपरा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि यहां प्रतिवर्ष विभिन्न धार्मिक आयोजन, कालसर्प दोष व पितृ दोष निवारण के अनुष्ठान तथा देव दीपावली जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कार्तिक मास में सैकड़ों श्रद्धालु यहां स्नान और पूजन के लिए पहुंचते हैं। अब अमावस्या पर स्नान की परंपरा को पुनर्जीवित किया गया है, जिसे निरंतर जारी रखा जाएगा। मान्यता है कि लगातार 12 अमावस्या पर इस सरोवर में स्नान करने से पितृ दोष समाप्त हो जाता है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य नागक्षेत्र तीर्थ की प्राचीन पहचान को पुनः स्थापित करना और इसे एक बार फिर आस्था का प्रमुख केंद्र बनाना है।
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