रोहतक में अखिल भारतीय किसान सभा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सरकार की नीतियों पर नाराजगी जताते हुए आंदोलन की रणनीति तैयार की।
बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर मुआवजा न देकर उनके साथ अन्याय किया गया है। उनका कहना था कि फसलों को हुए नुकसान के बावजूद कई किसानों को अब तक राहत राशि नहीं मिल पाई है, जिससे वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
किसान नेताओं ने कहा कि सरकार बार-बार आश्वासन देती है, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा, जिसके चलते अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में विभिन्न स्तरों पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके तहत जिला और राज्य स्तर पर रैलियां, धरने और प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई गई है। साथ ही, किसानों से अपील की गई है कि वे बड़ी संख्या में इन कार्यक्रमों में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करें।
संगठन ने साफ किया कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही उचित कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
यह बैठक किसानों के बीच बढ़ती नाराजगी को दर्शाती है और संकेत देती है कि आने वाले समय में राज्य में किसान आंदोलन तेज हो सकता है। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या किसानों की समस्याओं का समाधान निकल पाता है।
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