नारनौल में सीजन की पहली आंधी-बारिश ने बिजली व्यवस्था की पोल खोल दी। तेज हवा और बारिश के चलते शहर के अधिकांश इलाकों में बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई, जिससे लोगों को देर रात तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर रात 11 बजे तक भी बिजली बहाल नहीं हो सकी, जिसके कारण लोग उमस भरी गर्मी में बेहाल नजर आए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, शाम होते-होते अचानक तेज आंधी चली और उसके साथ हल्की बारिश शुरू हो गई। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ की टहनियां टूटकर बिजली लाइनों पर गिर गईं, जिससे सप्लाई बाधित हो गई। इसके अलावा कुछ इलाकों में ट्रांसफॉर्मर और तारों में तकनीकी खराबी भी सामने आई।
बिजली कटौती के चलते घरों में इनवर्टर और बैटरी भी जवाब दे गए, जिससे लोगों को अंधेरे में समय बिताना पड़ा। गर्मी और उमस के कारण बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर साल आंधी-बारिश में यही स्थिति बन जाती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता।
सूचना मिलने के बाद बिजली विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और फॉल्ट ढूंढने का काम शुरू किया। अधिकारियों का कहना है कि तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर लाइनों को नुकसान पहुंचा है, जिसे ठीक करने में समय लग रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द सप्लाई बहाल कर दी जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर शहर में बिजली व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि मौसम बदलते ही अगर व्यवस्था ठप हो जाती है, तो यह भविष्य के लिए चिंता का विषय है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए बेहतर इंतजाम किए जाएं।
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