हरियाणा में अनियमित रूप से विकसित बस्तियों को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्यभर में ऐसी हजारों कॉलोनियों की पहचान की गई है, जो बिना वैध अनुमति के पिछले कई वर्षों में विकसित हुई हैं। अब इन पर कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी गई है और प्रशासनिक स्तर पर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, बीते करीब एक दशक में राज्य में लगभग 2600 से अधिक कॉलोनियां बिना उचित मंजूरी के बसाई गई हैं। इन कॉलोनियों में न तो बुनियादी सुविधाओं की पूरी व्यवस्था है और न ही निर्माण के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया गया है। इससे न केवल शहरी नियोजन प्रभावित हुआ है, बल्कि लोगों को भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे मामले में सिर्फ कॉलोनियां बसाने वालों पर ही नहीं, बल्कि उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी जिन्होंने इस अवैध गतिविधि को बढ़ावा दिया या नजरअंदाज किया। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को ऐसे मामलों की जांच सौंपी गई है और संदिग्ध अधिकारियों की पहचान की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि जिन क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निर्माण हटाने जैसी कार्यवाही भी शामिल हो सकती है। इसके साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अनियोजित कॉलोनियों के बढ़ने से शहरों का संतुलित विकास बाधित होता है और आधारभूत संरचनाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में सरकार का यह कदम शहरी व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
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