हरियाणा के Faridabad स्थित Surajkund International Crafts Mela में हुए झूला हादसे के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में झूला मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में सामने आया है कि झूला बिना आवश्यक मैन्युफैक्चरिंग सर्टिफिकेट और एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) के मेले में लगाया गया था।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, झूले का निर्माण मेरठ में लगभग 40 लाख रुपये की लागत से कराया गया था। हालांकि, इसे संचालन के लिए जरूरी तकनीकी मंजूरी और सुरक्षा प्रमाणपत्र नहीं लिए गए थे। इसी लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ, जिसमें कई लोग घायल हुए थे और मेले में अफरा-तफरी मच गई थी।
घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए झूले को बंद करवा दिया और संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू की। जांच के दौरान जब यह स्पष्ट हुआ कि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था, तो झूला मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से लोगों की जान को खतरा होता है, इसलिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, मेले में लगे अन्य झूलों और उपकरणों की भी जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
प्रशासन ने आयोजकों को भी निर्देश दिए हैं कि वे सभी सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। इस घटना के बाद मेले में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है, जिससे आने वाले दिनों में लोग सुरक्षित माहौल में मेले का आनंद ले सकें।
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