हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार लंबी खिंचती जा रही है। कर्मचारियों ने दूसरी बार हड़ताल बढ़ाने का ऐलान करते हुए कहा है कि अब वे 14 मई तक सड़कों पर ही प्रदर्शन जारी रखेंगे। हड़ताल के चलते प्रदेश के कई शहरों और कस्बों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने से लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
सफाई कर्मचारी संघ का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं सुन रही। कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया, जिसके कारण आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया। संघ के नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों को लंबे समय से वेतन, नौकरी सुरक्षा और अन्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
हड़ताल के कारण प्रदेशभर में करीब 14 हजार टन कचरा सड़कों और गलियों में जमा हो चुका है। बाजारों, रिहायशी इलाकों और सार्वजनिक स्थानों पर फैली गंदगी से लोगों को बदबू और संक्रमण का खतरा सताने लगा है। गर्म मौसम के चलते हालात और अधिक गंभीर होते जा रहे हैं।
कई शहरों में स्थानीय लोगों ने सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है। कुछ स्थानों पर व्यापारियों और निवासियों ने विरोध प्रदर्शन भी किए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कूड़ा नहीं उठाया गया तो बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
प्रशासन की ओर से सफाई व्यवस्था को संभालने के लिए वैकल्पिक उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन बढ़ते कचरे के सामने ये प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। वहीं कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाएगा, आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदेश में बढ़ते कचरे और लंबी होती हड़ताल ने सरकार और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी है। अब लोगों की नजर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली अगली बातचीत पर टिकी हुई है।
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