नेशनल रैंकिंग टूर्नामेंट में हरियाणा के पहलवानों का जलवा, अखाड़ों में दिखी प्रदेश की ताकत

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Haryana Wrestling

नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट में हरियाणा के पहलवानों का दबदबा देखने को मिला। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंचे करीब 600 खिलाड़ियों में से लगभग 80 प्रतिशत खिलाड़ी हरियाणा से जुड़े बताए जा रहे हैं। देशभर से आए खिलाड़ियों के बीच हरियाणा के पहलवानों की मजबूत मौजूदगी ने एक बार फिर राज्य की कुश्ती परंपरा और खेल संस्कृति को चर्चा में ला दिया है।

टूर्नामेंट के दौरान विभिन्न भार वर्गों में मुकाबले हुए, जहां हरियाणा के खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन कर दर्शकों का ध्यान खींचा। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में लंबे समय से मजबूत खेल ढांचा, ग्रामीण स्तर पर अखाड़ों की परंपरा और लगातार मिल रही खेल सुविधाएं पहलवानों की सफलता का बड़ा कारण हैं।

हालांकि इस प्रतियोगिता में स्टार पहलवान Vinesh Phogat की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी रही। जानकारी के अनुसार भारतीय कुश्ती महासंघ यानी Wrestling Federation of India द्वारा उन पर पहले प्रतिबंध लगाया जा चुका है, जिसके चलते वह टूर्नामेंट में हिस्सा लेने नहीं पहुंचीं। उनकी अनुपस्थिति को लेकर खेल प्रेमियों और पहलवानों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

प्रतियोगिता में युवा खिलाड़ियों का उत्साह भी देखने लायक रहा। कई उभरते पहलवानों ने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं और कोचों का ध्यान आकर्षित किया। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के टूर्नामेंट खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का बड़ा मंच प्रदान करते हैं।

हरियाणा लंबे समय से देश को बेहतरीन पहलवान देने के लिए जाना जाता है। ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ जैसे बड़े मंचों पर भी राज्य के खिलाड़ियों ने अपनी मजबूत पहचान बनाई है। इस टूर्नामेंट में भी प्रदेश के खिलाड़ियों की बड़ी भागीदारी ने एक बार फिर हरियाणा को भारतीय कुश्ती का मजबूत केंद्र साबित किया है।

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