हरियाणा में सफाई व्यवस्था को लेकर चल रहा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। प्रदेश के कई शहरों में सफाई सेवाएं प्रभावित होने के कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने से वातावरण खराब हो रहा है और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ने लगी हैं। ऐसे में आज होने वाली अहम बैठकों और कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
सरकार की ओर से सफाई कर्मियों के सामने एक प्रस्ताव रखा जा चुका है, जिसमें उनकी मांगों को लेकर कुछ समाधान पेश किए गए हैं। हालांकि कर्मचारी संगठनों ने अभी तक इस प्रस्ताव पर अंतिम सहमति नहीं दी है। इसी को लेकर आज कर्मियों की बड़ी बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में आंदोलन जारी रखने या सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार करने को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया जा सकता है।
दूसरी ओर इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। कांग्रेस के एक विधायक द्वारा सफाई व्यवस्था और जनता को हो रही परेशानियों को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। आज इस याचिका पर सुनवाई होने की संभावना है। अदालत में सरकार से सफाई व्यवस्था बहाल करने और संकट से निपटने के लिए उठाए गए कदमों पर जवाब मांगा जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। लगातार बढ़ते कचरे से संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ रहा है। प्रशासन फिलहाल हालात सामान्य करने के प्रयासों में जुटा हुआ है, जबकि आम लोग जल्द राहत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।
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