हरियाणा ने एक बार फिर जल संकट और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए किशाऊ डैम परियोजना से जुड़े पानी के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया है। दिल्ली में केंद्रीय स्तर पर आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में हरियाणा समेत कई राज्यों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जहां जल बंटवारे और परियोजना से मिलने वाले लाभों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में हरियाणा ने साफ किया कि तेजी से बढ़ती आबादी और औद्योगिक विस्तार को देखते हुए प्रदेश को अतिरिक्त जल संसाधनों की आवश्यकता है। खासतौर पर दक्षिण हरियाणा और एनसीआर से जुड़े क्षेत्रों में पानी की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए किशाऊ डैम परियोजना से हरियाणा को पर्याप्त हिस्सेदारी देने की मांग रखी गई।
सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार ने इस विषय पर पांच राज्यों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए चर्चा शुरू की है। बैठक में जल प्रबंधन, वितरण व्यवस्था और भविष्य की योजनाओं पर भी विचार किया गया। अधिकारियों का मानना है कि यदि परियोजना समय पर आगे बढ़ती है तो कई राज्यों को पेयजल और सिंचाई के क्षेत्र में राहत मिल सकती है।
इसी बीच फरीदाबाद और पलवल जैसे क्षेत्रों के लिए भी राहत भरी खबर सामने आई है। प्रस्तावित योजना के तहत इन इलाकों को गंगा कैनाल प्रणाली से पानी उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे लंबे समय से पानी की समस्या झेल रहे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भूजल पर निर्भरता कम होगी और शहरी क्षेत्रों में जल आपूर्ति व्यवस्था मजबूत हो सकेगी।
जल संकट को देखते हुए यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है। आने वाले समय में राज्यों के बीच सहमति बनने पर परियोजना को नई गति मिल सकती है।
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