बहादुरगढ़ में हुए दर्दनाक सीवरेज हादसे के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। हादसे में जहरीली गैस की चपेट में आने से एक कर्मी की मौत हो गई थी, जबकि अन्य लोगों की तबीयत भी बिगड़ गई थी।
जानकारी के अनुसार सीवरेज लाइन की सफाई के दौरान कर्मचारी अचानक जहरीली गैस के संपर्क में आ गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस जांच में सामने आया कि सुरक्षा मानकों और आवश्यक सावधानियों का पालन नहीं किया गया था। आरोप है कि कर्मचारियों को बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के सीवरेज लाइन में उतारा गया। इसी आधार पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और यदि लापरवाही साबित होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। श्रम सुरक्षा और मानव जीवन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी घटना पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि सीवर और सीवरेज कार्यों में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। इस घटना ने एक बार फिर सफाई कर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यस्थल पर मानकों के पालन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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