लंबरदार चयन पर हाईकोर्ट सख्त, शैक्षणिक योग्यता तय करने के निर्देश

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Punjab High Court

पंजाब में लंबरदार नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए राज्य सरकार को शैक्षणिक योग्यता तय करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि बदलते समय और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए इस पद के लिए न्यूनतम शिक्षा मानक निर्धारित करना आवश्यक है। यह मामला एक 12वीं पास उम्मीदवार द्वारा दायर याचिका के बाद अदालत के सामने पहुंचा था।

याचिकाकर्ता का कहना था कि वर्तमान समय में गांव स्तर पर प्रशासनिक कार्यों, रिकॉर्ड प्रबंधन और सरकारी योजनाओं से जुड़े मामलों में शिक्षा का महत्व काफी बढ़ गया है। ऐसे में लंबरदार जैसे जिम्मेदार पद के लिए स्पष्ट शैक्षणिक योग्यता तय होना जरूरी है। अदालत ने भी इस तर्क को गंभीरता से लेते हुए सरकार को इस विषय पर नीति बनाने पर विचार करने के निर्देश दिए।

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि ग्रामीण प्रशासन और राजस्व व्यवस्था में लंबरदार की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। सरकारी योजनाओं, रिकॉर्ड और स्थानीय प्रशासन से जुड़े कई कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए शिक्षित उम्मीदवारों को प्राथमिकता देना समय की मांग हो सकती है। हालांकि अदालत ने अंतिम नीति तय करने का अधिकार राज्य सरकार पर छोड़ा है।

इस फैसले के बाद ग्रामीण क्षेत्रों और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि पारंपरिक अनुभव और सामाजिक स्वीकार्यता भी इस पद के लिए महत्वपूर्ण पहलू हैं।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार इस संबंध में नई नीति बनाती है तो भविष्य में लंबरदार नियुक्ति प्रक्रिया में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। अब सभी की नजर पंजाब सरकार की आगामी कार्रवाई और संभावित दिशा-निर्देशों पर टिकी हुई है।

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