हरियाणा सरकार ने वित्तीय अनियमितताओं और हाल ही में सामने आए बड़े घोटाले के बाद सरकारी फंड के निवेश नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए तीन बैंकों की एम्पेनलमेंट (सूचीबद्धता) रद्द कर दी है और सरकारी फंड की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रिन्यूअल पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
यह निर्णय लगभग 590 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के सामने आने के बाद लिया गया है, जिसने प्रशासनिक और वित्तीय सिस्टम में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। सरकार का कहना है कि अब किसी भी तरह की वित्तीय लापरवाही या जोखिम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सार्वजनिक धन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
नए नियमों के तहत सरकारी विभागों और संस्थानों को अब निवेश से पहले अधिक सख्त प्रक्रिया और जांच से गुजरना होगा। बैंकों की विश्वसनीयता, वित्तीय स्थिति और अनुपालन रिकॉर्ड की गहन समीक्षा के बाद ही किसी भी प्रकार का निवेश किया जाएगा। साथ ही FD से जुड़े लेन-देन पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह कदम भविष्य में ऐसे घोटालों को रोकने और सरकारी धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए लगातार सुधार किए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में एक बड़ा सुधार साबित हो सकता है, जिससे निवेश प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी। वहीं इस कार्रवाई के बाद बैंकिंग और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल देखी जा रही है।
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