हरियाणा में आज दवा कारोबार से जुड़े हजारों व्यापारियों द्वारा राज्यव्यापी बंद का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेशभर के करीब 20 हजार मेडिकल स्टोर इस बंद में शामिल होंगे, जिससे आम लोगों को दवाइयों की खरीद में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यह विरोध मुख्य रूप से ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी सेवाओं के खिलाफ किया जा रहा है।
दवा विक्रेताओं का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव से छोटे और मध्यम मेडिकल स्टोरों का कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि कई ई-फार्मेसी कंपनियां नियमों की अनदेखी कर बिना उचित निगरानी के दवाइयों की बिक्री कर रही हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। व्यापारियों ने सरकार से इस व्यवस्था पर सख्त नियंत्रण और स्पष्ट नियम लागू करने की मांग की है।
हड़ताल के चलते शहरों से लेकर कस्बों तक अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। हालांकि, गंभीर और इमरजेंसी मरीजों को राहत देने के लिए कुछ स्थानों पर आवश्यक दवाइयों की सीमित व्यवस्था रखने की बात कही गई है। अस्पतालों के आसपास चुनिंदा मेडिकल स्टोर जरूरत पड़ने पर खुल सकते हैं।
इस बंद का असर उन मरीजों पर अधिक पड़ सकता है जो रोजाना दवाइयों पर निर्भर हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि जरूरी दवाइयों का प्रबंध पहले से कर लें और घबराने की बजाय सावधानी बरतें। वहीं, आम जनता को भी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है।
दवा व्यापारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।
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