हरियाणा के हिसार में पुलिस ने साइबर ठगी के एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब ₹5 लाख नकद बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी यूट्यूब वीडियो देखकर फ्रॉड के नए तरीके सीखते थे और उसी तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बनाते थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह सिलिकॉन की मदद से नकली फिंगरप्रिंट तैयार करता था। इन फर्जी फिंगरप्रिंट्स का उपयोग कर आरोपी बैंकिंग और डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम को धोखा देते थे। इसके जरिए लोगों के खातों से रकम निकालने और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने जैसी वारदातों को अंजाम दिया जाता था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को लगातार साइबर फ्रॉड से जुड़ी शिकायतें मिल रही थीं। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल डेटा की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची। छापेमारी के दौरान नकदी के साथ कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन और फिंगरप्रिंट बनाने में इस्तेमाल सामग्री भी बरामद की गई।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सोशल मीडिया और यूट्यूब प्लेटफॉर्म से साइबर ठगी के तरीके सीखते थे। इसके बाद अलग-अलग राज्यों में लोगों को निशाना बनाकर पैसे ठगते थे। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह काफी समय से सक्रिय था और इसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है।
हिसार पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या डिजिटल वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान सतर्क रहें। साथ ही अपनी बैंकिंग और बायोमेट्रिक जानकारी किसी के साथ साझा न करें। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
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