हरियाणा में लोकप्रिय हरियाणवी गीत ‘कॉलेज वाली छोरी’ को लेकर नया विवाद सामने आया है। गीत के कुछ बोलों और प्रस्तुतिकरण को लेकर आपत्तियां उठाई गई हैं। इस विवाद के बाद सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक चर्चा का माहौल बन गया है। समर्थक और विरोधी दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क रख रहे हैं।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब कुछ लोगों ने गीत में इस्तेमाल किए गए शब्दों और अभिव्यक्ति पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि गीत के कुछ हिस्सों में महिलाओं और छात्राओं के प्रति अनुचित भाषा का प्रयोग किया गया है, जिससे गलत संदेश जा सकता है। इस संबंध में आपत्ति दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग भी की गई है।
दूसरी ओर, गीत से जुड़े कलाकार और समर्थक इन आरोपों को निराधार बता रहे हैं। उनका कहना है कि यह एक मनोरंजन आधारित रचना है और इसे उसी नजरिए से देखा जाना चाहिए। उनका तर्क है कि गीत की लोकप्रियता बढ़ने के बाद ही विवाद खड़ा किया गया है और कुछ लोग चर्चा में बने रहने के लिए इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी इस विषय को लेकर बहस तेज हो गई है। कुछ यूजर्स गीत की आलोचना कर रहे हैं, जबकि कई लोग अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मनोरंजन के अधिकार का हवाला देते हुए कलाकारों का समर्थन कर रहे हैं। इस कारण मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
सांस्कृतिक और सामाजिक मामलों के जानकारों का मानना है कि मनोरंजन सामग्री तैयार करते समय सामाजिक संवेदनशीलता का ध्यान रखना जरूरी है। वहीं, किसी भी रचना का मूल्यांकन करते समय उसके संदर्भ और उद्देश्य को भी समझना चाहिए।
फिलहाल विवाद को लेकर अलग-अलग पक्ष अपनी बात रख रहे हैं। यदि किसी स्तर पर औपचारिक शिकायत या कानूनी प्रक्रिया शुरू होती है तो संबंधित एजेंसियां मामले की समीक्षा कर सकती हैं। तब तक यह मुद्दा जनचर्चा और सोशल मीडिया बहस का हिस्सा बना हुआ है।
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