हरियाणा में आयोजित NEET री-एग्जाम के दौरान परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और जांच प्रक्रिया को लेकर कई अभ्यर्थियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रशासन और परीक्षा एजेंसियों द्वारा सख्त दिशा-निर्देश लागू किए गए थे, जिनका पालन सभी परीक्षार्थियों के लिए अनिवार्य किया गया।
परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की विस्तृत जांच की गई। निर्धारित नियमों के अनुसार कई परीक्षार्थियों को आभूषण, धातु से बनी वस्तुएं और अन्य प्रतिबंधित सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए। इसी प्रक्रिया के तहत कुछ अभ्यर्थियों को अपने व्यक्तिगत सामान और पहनावे में बदलाव करना पड़ा ताकि वे परीक्षा केंद्र के नियमों के अनुरूप प्रवेश प्राप्त कर सकें।
कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों और उनके परिजनों ने परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं और प्रवेश प्रक्रिया को लेकर चिंता भी व्यक्त की। कुछ मामलों में परीक्षा केंद्रों की जानकारी, समय पर पहुंचने और आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने में भी दिक्कतें सामने आईं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सभी व्यवस्थाएं परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थीं।
प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर हेल्प डेस्क और सहायता टीमों की व्यवस्था भी की थी, ताकि विद्यार्थियों को आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन मिल सके। सुरक्षा कर्मियों और परीक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि वे नियमों का पालन सुनिश्चित करते हुए अभ्यर्थियों के साथ संवेदनशील व्यवहार रखें।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सुरक्षा जांच जरूरी होती है, लेकिन साथ ही यह भी आवश्यक है कि अभ्यर्थियों को पहले से स्पष्ट जानकारी दी जाए ताकि उन्हें परीक्षा के दिन अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों और अभिभावकों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में व्यवस्थाओं को और अधिक सुगम बनाया जाएगा। फिलहाल परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा किए गए इंतजामों की समीक्षा की जा रही है।
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