सोशल मीडिया पर वायरल हुए ‘₹370 बिरयानी’ विवाद से जुड़े मामले में कॉमेडियन और एक वेब डेवलपर को तत्काल राहत नहीं मिली। मामले की जांच के तहत गुरुग्राम पुलिस संबंधित व्यक्तियों को महिला आयोग के समक्ष लेकर पहुंची, जहां पूरे प्रकरण को लेकर चर्चा की गई।
जानकारी के अनुसार विवाद उस कंटेंट को लेकर खड़ा हुआ, जिसे कुछ लोगों ने आपत्तिजनक और महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताया। सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और कई संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई।
महिला आयोग के समक्ष सुनवाई के दौरान अधिकारियों ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाता है, लेकिन कॉमेडी या मनोरंजन के नाम पर किसी भी व्यक्ति, समुदाय या महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री स्वीकार नहीं की जा सकती। आयोग ने जिम्मेदार और संवेदनशील कंटेंट निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में प्राप्त शिकायतों और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए गए हैं और पूरे घटनाक्रम का कानूनी परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी।
मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस जारी है। कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि अन्य का मानना है कि सार्वजनिक मंचों पर प्रस्तुत सामग्री में सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का ध्यान रखा जाना चाहिए।
फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। अधिकारियों ने कहा है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय लिया जाएगा तथा कानून के दायरे में रहकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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