NEET परीक्षा में 720 में से 715 अंक हासिल कर शानदार सफलता प्राप्त करने वाले टॉपर पंशुल ने अपनी प्रेरणादायक यात्रा साझा की है। उन्होंने बताया कि जब परीक्षा रद्द होने की खबर मिली थी, तब वे काफी निराश हो गए थे और भावुक होकर रो पड़े थे। महीनों की मेहनत के बाद दोबारा परीक्षा की तैयारी करना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन परिवार के सहयोग और अपने आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने वापसी की और उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए नया इतिहास रच दिया।
पंशुल के अनुसार, परीक्षा रद्द होने के बाद कुछ समय तक मानसिक दबाव बना रहा। हालांकि, उनके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों ने लगातार उनका हौसला बढ़ाया और सकारात्मक सोच बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। इसी समर्थन ने उन्हें दोबारा पूरी लगन से पढ़ाई करने की ताकत दी।
उन्होंने बताया कि री-एग्जाम की तैयारी के दौरान उन्होंने नियमित अध्ययन, मॉक टेस्ट और समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा और हर दिन अनुशासित दिनचर्या के साथ तैयारी जारी रखी। इसी निरंतर प्रयास का परिणाम रहा कि उन्होंने 715 अंक प्राप्त कर शीर्ष स्थान हासिल किया।
पंशुल ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को संदेश दिया कि असफलता या कठिन परिस्थितियों से घबराने के बजाय उन्हें सीखने का अवसर समझना चाहिए। उनका कहना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे, तो सफलता अवश्य मिलती है।
शिक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि पंशुल की कहानी उन छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो किसी कारणवश निराश हो जाते हैं। दृढ़ संकल्प, नियमित अभ्यास और परिवार का सहयोग कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सफलता की राह आसान बना सकता है। उनकी उपलब्धि ने अनेक विद्यार्थियों को नई प्रेरणा दी है।
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