हिसार : शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में लगी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाने और एक ड्राइवर से मारपीट का मामला सामने आया है। मलिक चौक सहित शहर के अलग-अलग इलाकों में कचरा उठाने पहुंची गाड़ियों के शीशे तोड़ने और टायर पंचर करने के आरोप लगाए गए हैं। मलिक चौक की घटना CCTV कैमरे में भी कैद हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार पूर्व निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता के आवास के पास मलिक चौक पर कचरा उठाने पहुंची एक गाड़ी को कुछ लोगों ने घेर लिया। सामने आए CCTV फुटेज में कई लोग वाहन के आसपास दिखाई दे रहे हैं। घटनास्थल पर नगर निगम कर्मचारी संगठन से जुड़े पदाधिकारी भी दिखाई देने का दावा किया गया है। फुटेज और शिकायत के आधार पर संबंधित लोगों की भूमिका की जांच पुलिस कर रही है।
पीड़ित ड्राइवर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पारिजात चौक से कचरा कलेक्शन की गाड़ी लेकर अपने निर्धारित रूट पर निकला था। मलिक चौक पहुंचने पर करीब 20 से 25 लोग लगभग 15 मोटरसाइकिलों पर वहां पहुंचे और उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी।
ड्राइवर का आरोप है कि गाड़ी का शीशा तोड़ने के बाद उसे वाहन से नीचे उतारकर मारपीट की गई और उसके कपड़े भी फाड़ दिए गए। आरोप है कि उसे काम नहीं छोड़ने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। वाहन पर ईंट से हमला करने तथा गाड़ी के दस्तावेज और चाबी ले जाने का आरोप भी शिकायत में लगाया गया है।
घटना के बाद पीड़ित कर्मचारी सिविल अस्पताल पहुंचा, जहां उसकी मेडिकल जांच कराई गई। इसके बाद उसने पुलिस के समक्ष अपने बयान दर्ज करवाए।
मलिक चौक के अलावा ऋषि नगर और सेक्टर-13 क्षेत्र से भी कचरा कलेक्शन में लगी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई है। सेक्टर-13 मार्केट में एक वाहन के टायर में नुकीली वस्तु से पंचर किए जाने के निशान मिलने का दावा किया गया है। नगर निगम की टीम प्रभावित वाहनों को हुए नुकसान का आकलन कर रही है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद नगर निगम अधिकारी अमित कौशिक सहित अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। पुलिस को मामले की सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर CCTV फुटेज की जांच की। क्षतिग्रस्त वाहन को क्रेन की मदद से थाने ले जाया गया।
पुलिस अब CCTV फुटेज, पीड़ित कर्मचारी के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की जांच कर रही है। शिकायत में जिन लोगों पर मारपीट, धमकी और वाहन को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं, उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में है।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच हुई इस घटना ने शहर में कचरा उठाने की व्यवस्था और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि मारपीट और तोड़फोड़ के आरोपों पर अंतिम स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
![]()











