नारनौल पोस्ट ऑफिस में RD और FD से जुड़े एजेंटों ने अपनी समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। एजेंटों ने पोस्ट ऑफिस में तैनात नई अधिकारी पर कथित उत्पीड़न और कमीशन मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें कामकाज के दौरान अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि दूसरे डाकघरों में ऐसी स्थिति नहीं है।
प्रदर्शन में शामिल एजेंटों ने आरोप लगाया कि नई अधिकारी के कार्यभार संभालने के बाद से उनके नियमित काम प्रभावित हो रहे हैं। RD-FD से संबंधित प्रक्रियाओं में कथित तौर पर बाधाएं आने के कारण एजेंटों के साथ ग्राहकों को भी परेशानी हो रही है।
एजेंटों का कहना है कि वे लंबे समय से डाकघर की विभिन्न बचत योजनाओं से लोगों को जोड़ने का काम कर रहे हैं। ग्राहकों से दस्तावेज लेकर खाते खुलवाने, किस्त जमा कराने और अन्य प्रक्रियाओं में वे पोस्ट ऑफिस और आम लोगों के बीच माध्यम की भूमिका निभाते हैं।
प्रदर्शनकारियों ने अधिकारी पर कमीशन मांगने का भी आरोप लगाया। उनका दावा है कि उनसे मिलने वाले कमीशन में हिस्सा मांगा जा रहा है। हालांकि यह एजेंटों की ओर से लगाया गया आरोप है और इसकी स्वतंत्र या विभागीय पुष्टि होना बाकी है।
एजेंटों ने कहा कि यदि उनके आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप करने और उनकी शिकायतों को सुनने की मांग की है।
प्रदर्शन के दौरान एजेंटों ने नारनौल की व्यवस्था की तुलना दूसरे डाकघरों से भी की। उनका कहना है कि अन्य स्थानों पर वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपना काम कर पा रहे हैं, लेकिन नारनौल पोस्ट ऑफिस में उन्हें अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एजेंटों के अनुसार विवाद का असर उनके काम पर भी पड़ रहा है। यदि RD और FD से संबंधित कार्य समय पर नहीं होते हैं तो ग्राहकों को बार-बार पोस्ट ऑफिस के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। इससे एजेंटों और ग्राहकों दोनों के लिए समस्या बढ़ती है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एजेंटों की शिकायतों, संबंधित रिकॉर्ड और पोस्ट ऑफिस की कार्यप्रणाली की जांच करें। यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
वहीं अधिकारी पर लगाए गए उत्पीड़न और कमीशन मांगने के आरोपों को जांच पूरी होने से पहले स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। संबंधित अधिकारी या डाक विभाग का पक्ष भी पूरे मामले को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
एजेंटों का कहना है कि उनका उद्देश्य पोस्ट ऑफिस की सेवाओं को बाधित करना नहीं, बल्कि अपनी समस्याओं का समाधान कराना है। वे चाहते हैं कि पहले की तरह निर्धारित नियमों के तहत बिना किसी अनावश्यक परेशानी के काम करने दिया जाए।
फिलहाल RD-FD एजेंटों के प्रदर्शन के बाद मामला विभागीय अधिकारियों तक पहुंचने की उम्मीद है। एजेंटों ने अपनी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आगे की रणनीति बनाने की बात कही है। अब विभाग की जांच और दोनों पक्षों के जवाब के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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