अंकित बालियान हत्याकांड में फरार शूटर्स का नया CCTV, करनाल में सिम खरीदते दिखे सत्यम-आर्यन; दोनों पर ₹1-1 लाख का इनाम

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AnkitBaliyan

हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में एक और अहम CCTV फुटेज सामने आया है। पुलिस के मुताबिक हत्या में शामिल बताए जा रहे फरार आरोपी सत्यम कादियान और आर्यन सिंधू वारदात से कुछ घंटे पहले करनाल की एक मोबाइल शॉप पर नया सिम कार्ड खरीदते दिखाई दिए हैं। दोनों आरोपियों पर पुलिस ने एक-एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया है और उनकी तलाश में कई राज्यों में दबिश दी जा रही है।

सामने आए CCTV फुटेज में दोनों युवक मोबाइल शॉप पर सिम कार्ड खरीदने की प्रक्रिया पूरी करते नजर आ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने पहचान संबंधी दस्तावेज दिए, फोटो खिंचवाई और दुकानदार से नया सिम एक्टिव कराया।

एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह सिम अंकित बालियान की हत्या से करीब सवा तीन घंटे पहले खरीदा गया था। हालांकि दूसरी रिपोर्ट में वारदात से करीब एक घंटे पहले सिम खरीदने की बात कही गई है। समय को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट होने के कारण पुलिस की तकनीकी जांच और आधिकारिक टाइमलाइन महत्वपूर्ण होगी।

पुलिस अब नए सिम की कॉल डिटेल रिकॉर्ड, एक्टिवेशन टाइम और लोकेशन डेटा की जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सिम का इस्तेमाल वारदात से पहले या उसके दौरान किन लोगों से संपर्क के लिए किया गया था।

जांच में सामने आए CCTV फुटेज को भी महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस इसकी मदद से दोनों आरोपियों की हत्या से पहले की गतिविधियों और उनके आने-जाने के रास्तों की कड़ियां जोड़ रही है।

अंकित बालियान की 26 अगस्त को उत्तर प्रदेश के शामली में जिम के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में चार शूटरों की भूमिका होने का दावा किया है। इनमें से सुमित और मोहित पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं, जबकि सत्यम और आर्यन फरार बताए जा रहे हैं।

पुलिस के मुताबिक सत्यम और आर्यन भी वारदात के समय दूसरी बाइक पर मौजूद थे। दोनों की तलाश तेज करने के लिए इनाम की राशि बढ़ाकर एक-एक लाख रुपए कर दी गई है।

जांच में GPS से अंकित की गतिविधियों पर नजर रखे जाने का दावा भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार सत्यम ने कथित तौर पर अंकित की गाड़ी में GPS डिवाइस लगाया था और मोबाइल के जरिए उसकी लोकेशन ट्रैक की जा रही थी। इस दावे की पुष्टि इलेक्ट्रॉनिक और फोरेंसिक साक्ष्यों से होना महत्वपूर्ण है।

हत्या की साजिश में जेल में बंद गैंगस्टर राकेश उर्फ पंपू की कथित भूमिका की भी जांच चल रही है। पुलिस फरार आरोपियों और कथित साजिशकर्ताओं के बीच संपर्क की कड़ियां तलाश रही है।

फिलहाल सत्यम कादियान और आर्यन सिंधू पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। दोनों पर एक-एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया है। नया CCTV सामने आने के बाद पुलिस सिम कार्ड, कॉल रिकॉर्ड, GPS डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर हत्याकांड की पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

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