हरियाणा के रेवाड़ी में जंतर-मंतर प्रदर्शन के समर्थन में सामाजिक संगठनों ने विरोध मार्च निकाला। मार्च में शामिल कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
सामाजिक संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ किसी भी तरह की ज्यादती नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि बिना वर्दी पुलिसकर्मियों द्वारा किसी कार्यकर्ता के साथ मारपीट की गई है, तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ये आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
विरोध मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई घटनाओं की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले लोगों के अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि भविष्य में विरोध प्रदर्शनों के दौरान ऐसी स्थिति पैदा न हो और पुलिस-प्रशासन की ओर से कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की जाए।
मार्च के दौरान सामाजिक संगठनों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं और अन्य प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा।
फिलहाल रेवाड़ी में हुए इस विरोध मार्च के बाद जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की सक्रियता बढ़ती नजर आ रही है। प्रशासन की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
![]()











