हरियाणा के रोहतक में जिला पार्षद जयदेव डागर ने केंद्र सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि अगर संबंधित कार्रवाई को एक हफ्ते के अंदर नहीं रोका गया तो वह धरना-प्रदर्शन करेंगे। जिला पार्षद ने सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई रोकने की मांग की है।
जयदेव डागर ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि संबंधित कार्रवाई के कारण प्रभावित लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द उचित कदम उठाया जाए।
जिला पार्षद ने स्पष्ट किया कि फिलहाल सरकार को एक सप्ताह का समय दिया जा रहा है। इस अवधि में अगर कार्रवाई रुकती है तो आंदोलन की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन यदि सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वह धरने पर बैठने का निर्णय ले सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यह केवल उनका व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है, बल्कि इससे जुड़े लोगों की आवाज को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाना भी जरूरी है। उन्होंने सरकार से बातचीत के जरिए समस्या का समाधान करने की अपील की।
डागर के अल्टीमेटम के बाद स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ सकती है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि केंद्र सरकार और संबंधित विभाग की ओर से इस मामले में क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
जिला पार्षद ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं रोकी गई तो धरना तय है। इसके लिए आगे की रणनीति भी तैयार की जाएगी। उन्होंने लोगों से भी इस मुद्दे पर एकजुट होने की अपील की है।
फिलहाल जयदेव डागर के बयान के बाद मामला चर्चा में है। एक सप्ताह की समयसीमा पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सरकार की ओर से कोई निर्णय लिया जाता है या फिर जिला पार्षद अपने ऐलान के मुताबिक धरना शुरू करते हैं।
इस मामले में सरकार की प्रतिक्रिया और अगले सात दिनों में होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी। अगर समाधान नहीं निकला तो रोहतक में इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन देखने को मिल सकता है।
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