एकमुश्त निपटान योजना में मिलेगी ब्याज एवं जुर्माने में छूट : एसडीएम पुलकित मल्होत्रा

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One Time Settlement Scheme
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा व्यापारियों और उद्यमियों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से एकमुश्त निपटान योजना-2026 लागू की गई है। यह योजना आगाती 28 सितंबर तक प्रभावी रहेगी, जिसके माध्यम से विभिन्न कर अधिनियमों के अंतर्गत लंबित कर बकाया मामलों का सरल एवं सुविधाजनक तरीके से निपटान किया जा सकेगा। एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने बताया कि वर्ष 2025 में लागू की गई एकमुश्त निपटान योजना को व्यापारियों का व्यापक समर्थन मिला था और हजारों व्यापारियों ने इसका लाभ उठाते हुए अपने पुराने कर विवादों का समाधान कराया था। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने एक बार फिर व्यापारियों के हित में यह योजना लागू करने का निर्णय लिया है। एसडीएम ने बताया कि यह योजना सात कराधान अधिनियमों के अंतर्गत लंबित कर बकाया मामलों पर लागू होगी। योजना का मुख्य उद्देश्य पुराने कर विवादों का निपटान कर व्यापारियों को राहत प्रदान करना तथा विभाग एवं व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि यदि किसी करदाता पर किसी संबंधित अधिनियम के अंतर्गत किसी वर्ष में एक लाख रुपये तक का कर बकाया है तो उसे योजना में आवेदन करने की आवश्यकता भी नहीं होगी। ऐसे मामलों में उस वर्ष के लिए कर, ब्याज एवं जुर्माना राशि पूर्ण रूप से माफ कर दी जाएगी। यह प्रावधान विशेष रूप से छोटे व्यापारियों एवं लघु उद्यमियों को बड़ी राहत प्रदान करेगा। एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने कहा कि एक लाख रुपये से अधिक के बकाया मामलों में भी विभिन्न श्रेणियों के अनुसार कर राशि में 30 प्रतिशत से 70 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जाएगी, जबकि ब्याज एवं जुर्माना राशि पर 100 प्रतिशत तक की छूट का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि 01 लाख से 10 लाख रूपए तक 60 प्रतिशत, 10 लाख से 01 करोड़ रुपए तक 50 प्रतिशत, 01 करोड़ से 10 करोड़ रुपए तक 40 प्रतिशत, 10 करोड़ से 30 करोड़ रुपए तक 35 प्रतिशत, 30 करोड़ से 60 करोड़ रुपए तक कर में 30 प्रतिशत की छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की इस योजना से इससे लंबे समय से लंबित कर विवादों का समाधान आसान होगा और व्यापारियों को आर्थिक राहत प्राप्त होगी। एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने कहा कि योजना के अंतर्गत ऐसे व्यापारी भी आवेदन कर सकते हैं जिनके मामले अपील या न्यायालयों में लंबित हैं। हालांकि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उन्हें संबंधित अपील अथवा मुकदमे वापस लेने होंगे। इससे वर्षों से लंबित विवादों का शीघ्र निपटारा संभव हो सकेगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने व्यापारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निपटान राशि का भुगतान किस्तों में करने का विकल्प भी उपलब्ध कराया है। पांच लाख रुपये तक की निपटान राशि के लिए एकमुश्त भुगतान का प्रावधान है, जबकि इससे अधिक राशि के मामलों में दो अथवा तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा दी गई है।

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