सोनीपत : गोहाना की अनाज मंडी में 1509 किस्म के धान की आवक शुरू हो गई है। शुरुआती दौर में किसानों को धान का भाव करीब 4 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक मिल रहा है। दूसरी ओर धान का सीजन शुरू होने के साथ ही मंडी में अधूरे निर्माण कार्य और किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को लेकर व्यापारियों ने सवाल उठाए हैं। मंडी प्रशासन का कहना है कि फिलहाल आवक कम है और पीआर धान की खरीद शुरू होने से पहले जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जाएंगी।
अनाज मंडी के व्यापारी मुकेश ने बताया कि 1509 किस्म का धान मंडी में पहुंचना शुरू हो गया है। शुरुआती आवक में धान करीब 4 हजार रुपए के भाव पर बिक रहा है, जिससे किसानों को अच्छा रेट मिल रहा है। हालांकि उन्होंने मंडी की मौजूदा व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई।
मुकेश का आरोप है कि मंडी में पिछले करीब एक महीने से निर्माण संबंधी स्थिति में खास सुधार नहीं हुआ है। कई स्थानों पर सड़क और अन्य काम अभी अधूरे पड़े हैं। निर्माण कार्य के कारण जगह-जगह मिट्टी भी पड़ी हुई है, जिससे धान की आवक बढ़ने पर किसानों और व्यापारियों को परेशानी हो सकती है।
व्यापारी ने मंडी में बनाए जा रहे सीमेंटेड रास्ते की ऊंचाई को लेकर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि रास्ता काफी ऊंचा बनाया गया है। धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को इस पर चढ़ाने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉली के असंतुलित होने की आशंका भी जताई।
मुकेश ने दावा किया कि इस समस्या को लेकर संबंधित एसडीओ से भी बात की गई थी, लेकिन उनकी शिकायत को उचित तरीके से नहीं सुना गया। उन्होंने एसडीओ पर बातचीत के दौरान ऊंची आवाज में बात करने और अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया है। इस आरोप पर संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने नहीं आया है।
व्यापारियों का कहना है कि मंडी में शेड से संबंधित काम भी अभी पूरा नहीं हुआ है। धान की आवक शुरू होने के बाद किसानों के लिए फसल उतारने की पर्याप्त जगह और सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत है। उनका कहना है कि मुख्य सीजन शुरू होने से पहले निर्माण कार्य पूरे किए जाने चाहिए।
वहीं गोहाना अनाज मंडी की सचिव सविता जैन ने बताया कि फिलहाल 1509 धान की आवक कम है। मंडी में किसानों के लिए पीने के पानी और शौचालय सहित अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम जारी है। दो नए शौचालयों का निर्माण अगले सप्ताह तक पूरा होने की उम्मीद है।
मंडी सचिव के अनुसार पीआर धान की खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होनी है। इससे पहले मंडी में जरूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। चल रहे निर्माण कार्यों को भी तेजी से पूरा कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मंडी में पहले से दो शेड मौजूद हैं। एक नए शेड के निर्माण के लिए टेंडर अगस्त में अलॉट किया गया था। नए शेड के फर्श का काम पूरा हो चुका है, जबकि बाकी निर्माण कार्य करीब दो से ढाई महीने में पूरा होने की उम्मीद है।
इसके अलावा मंडी में पीने के पानी की नई पाइपलाइन बिछाई जा रही है। मंडी प्रशासन का कहना है कि धान की आवक बढ़ने से पहले किसानों और व्यापारियों की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है।
मंडी सचिव ने किसानों को ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल से संबंधित जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि फसल पंजीकरण के लिए पोर्टल दोबारा खोला गया है। जिन किसानों ने अभी तक अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण करा सकते हैं। किसानों से खरीद प्रक्रिया से पहले अपना पंजीकरण पूरा कराने की अपील की गई है।
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