पलवल में खेल मंत्री की ओर से आयोजित तिरंगा यात्रा के दौरान कई बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। कार्यक्रम में शामिल कुछ छात्रों को उल्टियां होने लगीं, जबकि कई बच्चे गश खाकर जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों और शिक्षकों में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों को तत्काल संभालने और उपचार दिलाने की कोशिश की गई।
बताया जा रहा है कि तिरंगा यात्रा सुबह 7 बजे शुरू होनी थी, लेकिन कार्यक्रम निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सका। यात्रा करीब 10 बजे शुरू हुई। इस दौरान धूप और बढ़ती गर्मी के बीच काफी संख्या में बच्चे कार्यक्रम में मौजूद थे। लंबे समय तक खुले में रहने के कारण कुछ छात्रों की तबीयत खराब होने लगी।
बच्चों के बीमार पड़ने की सूचना मिलते ही आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों ने उन्हें छांव में पहुंचाया। जिन बच्चों को ज्यादा परेशानी हुई, उन्हें प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। उल्टी और चक्कर आने की शिकायत के बाद कुछ छात्रों को चिकित्सा सहायता भी दी गई। घटना के बाद अभिभावकों में भी चिंता देखने को मिली।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों की मौजूदगी के चलते उनके लिए पर्याप्त पानी, छाया और स्वास्थ्य संबंधी इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। गर्म मौसम में बच्चों को लंबे समय तक खुले स्थान पर रखने से उनकी सेहत प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसे आयोजनों में मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए समय और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देना जरूरी माना जाता है।
तिरंगा यात्रा का उद्देश्य देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश देना था, लेकिन बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद आयोजन की व्यवस्थाओं पर चर्चा शुरू हो गई। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने भविष्य में इस तरह के कार्यक्रमों के दौरान बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की है।
फिलहाल बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद प्रशासन और आयोजन से जुड़े अधिकारियों की ओर से व्यवस्थाओं की समीक्षा किए जाने की उम्मीद है। गर्मी को देखते हुए स्कूलों और सार्वजनिक आयोजनों में बच्चों के लिए पर्याप्त पानी और छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है।
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