पंचकूला में हरियाणा कांग्रेस की ओर से HKRN कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी के साथ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से HKRN कर्मचारियों की नौकरी को नियमित करने की मांग उठाई।
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से विभिन्न विभागों में काम कर रहे कर्मचारियों को लंबे समय से सेवा देनी पड़ रही है। पार्टी का कहना है कि इन कर्मचारियों को नौकरी की स्थिरता और भविष्य की सुरक्षा मिलनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने HKRN कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कर्मचारियों से काम तो लिया जा रहा है, लेकिन उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसी सुरक्षा और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और HKRN कर्मचारी मौजूद रहे। नेताओं ने धरने के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की और कर्मचारियों की मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी कर्मचारियों के मुद्दे को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान बातचीत और उचित नीति के माध्यम से किया जाना चाहिए।
हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी प्रभारी की मौजूदगी ने भी प्रदर्शन को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया। कांग्रेस नेताओं ने एकजुट होकर HKRN कर्मचारियों के समर्थन में आवाज उठाई।
धरने के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों से जुड़े नारे भी लगाए। उनका कहना है कि वे लंबे समय से अलग-अलग सरकारी विभागों और संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, इसलिए उनके भविष्य को लेकर सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि रोजगार से जुड़े मुद्दे प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण हैं। उनका दावा है कि बड़ी संख्या में युवा और कर्मचारी रोजगार की स्थिरता को लेकर चिंतित हैं।
HKRN कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा इससे पहले भी राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है। कर्मचारी संगठन समय-समय पर अपनी मांगों को सरकार के सामने रखते रहे हैं।
धरने के दौरान कांग्रेस ने सरकार से कर्मचारियों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की। पार्टी नेताओं ने कहा कि केवल अस्थायी व्यवस्था के बजाय कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।
प्रदर्शन को देखते हुए पंचकूला में प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी की गई। पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ धरना स्थल पर स्थिति पर नजर रखी गई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो पार्टी आगे भी इस मुद्दे को उठाती रहेगी। उन्होंने कर्मचारियों के अधिकारों के लिए राजनीतिक और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने की बात कही।
वहीं, सरकार की ओर से HKRN कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। कर्मचारियों की मांगों पर सरकार की प्रतिक्रिया आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं और कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को उठाया। प्रदर्शन का मुख्य केंद्र HKRN कर्मचारियों को नौकरी में स्थायित्व और नियमितीकरण दिलाने की मांग रही।
फिलहाल पंचकूला में कांग्रेस का यह धरना HKRN कर्मचारियों के मुद्दे को लेकर चर्चा में है। भूपेंद्र हुड्डा समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के बाद यह मुद्दा हरियाणा की राजनीति में फिर प्रमुखता से उठता दिखाई दे रहा है।
![]()











