यमुनानगर के जेधर गांव में खेत से मिले ठेकेदार इरफान के शव के मामले में पुलिस ने उसके दोस्त राकेश कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों पहले मिट्टी सप्लाई के कारोबार में साझेदार थे और उनके बीच पैसों तथा प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। सीआईए-1 की टीम ने खारवन गांव निवासी राकेश को दादूपुर हेड रोड के पास से पकड़ा।
शनिवार को डीएसपी रजत गुलिया ने बताया कि 29 सितंबर को इरफान और राकेश पांवटा साहिब गए थे। वापस लौटते समय पुराने विवाद को लेकर दोनों के बीच बहस हुई। आरोप है कि राकेश ने गाड़ी रोककर इरफान पर पत्थर से हमला किया। इरफान खेतों की ओर भागा तो आरोपी ने उसका पीछा करके डंडे से वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई।
तीस सितंबर की सुबह श्मशान घाट की ओर जाने वाले रास्ते के पास खेत में शव मिला था। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान मृतक की जेब से करीब 50 हजार रुपए और बाइक की चाबी मिली। आसपास वाहन के टायरों के निशान भी पाए गए।
बाद में जगाधरी की विजय नगर कॉलोनी निवासी परिवार ने शव की पहचान 55 वर्षीय इरफान के रूप में की। वह ईंट-भट्ठों पर मिट्टी सप्लाई की ठेकेदारी करता था। मामले में छछरौली थाने में हत्या का केस दर्ज किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, शव मिलने के बाद राकेश ने बताया था कि इरफान को किसी व्यक्ति से डेढ़ लाख रुपए लेने थे। उसने यह भी दावा किया कि पांवटा साहिब से लौटते समय इरफान छछरौली में उतर गया था और बाद में उसका मोबाइल बंद मिला।
जांच में राकेश के बयानों और गतिविधियों में विरोधाभास मिलने पर पुलिस का संदेह बढ़ा। डीएसपी के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की है।
पुलिस आरोपी को अदालत में पेश करके रिमांड मांगेगी। रिमांड के दौरान कथित तौर पर इस्तेमाल पत्थर और डंडे सहित अन्य साक्ष्य बरामद करने का प्रयास किया जाएगा। वारदात के घटनाक्रम और विवाद से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है।
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