हिसार गैंगस्टर हत्याकांड में नया खुलासा, उज्जैन में बनी थी साजिश; वारदात से पहले महाकाल के दर्शन किए

4
Hisar Gangster Murder

हिसार में गैंगस्टर की हत्या के मामले की जांच में पुलिस के सामने कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच के मुताबिक वारदात से पहले आरोपी उज्जैन गए थे, जहां महाकाल मंदिर में दर्शन करने के साथ कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई गई। इसके बाद हिसार लौटकर गैंगस्टर को निशाना बनाया गया।

पुलिस जांच में यह बात भी सामने आने का दावा किया जा रहा है कि फायरिंग करने वाला कैब ड्राइवर गैंगस्टर अजीत थुराना के भाई के दोस्त के तौर पर उसके संपर्क में था। इसी पहचान और संपर्क के कारण आरोपी को वारदात के लिए इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।

मामले के अनुसार गैंगस्टर को अदालत परिसर में गोली मारकर हत्या की गई थी। वारदात के दौरान हमलावरों ने कई राउंड फायर किए। घटना के बाद पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए और आरोपियों की पहचान के लिए जांच शुरू की।

जांच में उज्जैन कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की यात्रा और संपर्कों की जानकारी जुटानी शुरू की। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उज्जैन में कौन-कौन लोग मौजूद थे और वहां किसके साथ उनकी मुलाकात हुई थी।

महाकाल मंदिर जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस धार्मिक यात्रा के साथ-साथ आरोपियों की गतिविधियों की भी जांच कर रही है। हालांकि मंदिर में दर्शन करना अपने आप में किसी अपराध का प्रमाण नहीं है। पुलिस को यह साबित करना होगा कि उज्जैन में वास्तव में हत्या की साजिश से जुड़ी कोई योजना बनी थी।

फायरिंग करने वाले कैब ड्राइवर की भूमिका भी जांच का अहम हिस्सा बनी हुई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसे वारदात में किसने शामिल किया और हथियार तथा अन्य संसाधन उसे कैसे उपलब्ध कराए गए।

अजीत थुराना के भाई के दोस्त के साथ उसके संपर्क की जानकारी सामने आने से पुलिस को संभावित कड़ी मिल सकती है। जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और लोकेशन की जानकारी के जरिए संपर्कों की पुष्टि कर सकती हैं।

हिसार कोर्ट परिसर में हुई हत्या के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे थे। अदालत परिसर में हथियारबंद हमलावरों के पहुंचने और फायरिंग करने की घटना ने पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी।

पुलिस अब पूरे घटनाक्रम को जोड़ने में जुटी है। उज्जैन यात्रा से लेकर हिसार पहुंचने, गैंगस्टर की गतिविधियों पर नजर रखने और फिर कोर्ट परिसर में हमला करने तक की कड़ियों की जांच की जा रही है।

जांच में यह भी देखा जा रहा है कि हत्या के पीछे पुरानी गैंगवार या आपसी रंजिश का कितना बड़ा रोल था। अजीत थुराना गैंग और मृतक गैंगस्टर के बीच संबंधों और पुरानी दुश्मनी से जुड़े पहलुओं को भी जांच में शामिल किया जा सकता है।

कैब ड्राइवर की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस उसके पिछले रिकॉर्ड और संपर्कों की भी जांच कर सकती है। इसके अलावा वारदात के समय इस्तेमाल की गई कार, हथियार और हमलावरों के आने-जाने के रास्तों से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण चुनौती साजिश में शामिल सभी लोगों की पहचान करना और उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटाना है। केवल किसी व्यक्ति से संपर्क होना उसकी आपराधिक भूमिका साबित नहीं करता। इसलिए पुलिस तकनीकी और प्रत्यक्ष साक्ष्यों के आधार पर मामले को आगे बढ़ाएगी।

घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ-साथ उनके संपर्कों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

मामले में उज्जैन यात्रा और कथित प्लानिंग से जुड़े तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस इन्हें जांच की अहम कड़ियों के रूप में देख रही है।

हिसार में हुई इस गैंगस्टर हत्या ने एक बार फिर गैंगवार और संगठित अपराध को लेकर चिंता बढ़ाई है। कोर्ट परिसर जैसी संवेदनशील जगह पर हुई वारदात के कारण पुलिस की जांच पर भी सभी की नजर बनी हुई है।

फिलहाल पुलिस वारदात की साजिश, आरोपियों के संपर्क और फायरिंग करने वाले कैब ड्राइवर की भूमिका को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हत्या की पूरी योजना किसने बनाई और इसमें कितने लोग शामिल थे।

Loading