पैलेट गन की चोट से आंखों की रोशनी गंवाने वाले साहिल को लेकर नई जानकारी सामने आई है। साहिल का जन्म हरियाणा के सोनीपत में हुआ था, जबकि वर्तमान में उसका परिवार दिल्ली में रहता है। FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर साहिल राहुल गांधी के साथ करीब 6 घंटे तक धरने पर बैठा।
बताया जा रहा है कि साहिल की आंख में पैलेट गन की चोट लगी थी, जिसके बाद उसकी आंख की रोशनी चली गई। घटना के बाद से परिवार मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। परिवार का कहना है कि घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और FIR दर्ज की जानी चाहिए।
साहिल के हरियाणा कनेक्शन की जानकारी सामने आने के बाद मामले ने प्रदेश में भी ध्यान खींचा है। हालांकि उसका परिवार अब दिल्ली में रहता है और वहीं से वह अपनी आगे की कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।
FIR की मांग को लेकर साहिल राहुल गांधी के साथ धरने पर बैठा। बताया गया कि धरना करीब 6 घंटे तक चला। इस दौरान साहिल ने अपनी स्थिति और घटना से जुड़ी शिकायत को लेकर अपनी बात रखी।
पैलेट गन से लगी चोट के कारण आंख की रोशनी खोना साहिल और उसके परिवार के लिए गंभीर स्थिति है। परिवार का कहना है कि इस घटना के कारण उसकी सामान्य जिंदगी प्रभावित हुई है और उसे आगे भी उपचार तथा अन्य चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
धरने के दौरान FIR दर्ज करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। परिवार का कहना है कि बिना प्राथमिकी के मामले की पूरी जांच और जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से शिकायत दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मामले में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि पैलेट गन से साहिल की आंख में चोट कैसे लगी और घटना के समय वहां क्या परिस्थितियां थीं। इसके लिए संबंधित रिकॉर्ड, मेडिकल दस्तावेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध वीडियो फुटेज की जांच आवश्यक होगी।
साहिल की मेडिकल स्थिति भी मामले का अहम हिस्सा है। आंख की रोशनी जाने के संबंध में डॉक्टरों की रिपोर्ट और उपचार से जुड़े दस्तावेज घटना की गंभीरता को समझने में मदद कर सकते हैं।
परिवार का कहना है कि उनकी मांग किसी राजनीतिक विवाद तक सीमित नहीं है। वे चाहते हैं कि घटना की जांच हो और यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
राहुल गांधी के साथ धरने पर बैठने के बाद मामला राजनीतिक चर्चा में भी आ गया है। विपक्ष की ओर से ऐसे मामलों में सरकार और प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की जाती रही है।
वहीं, घटना के वास्तविक तथ्यों की पुष्टि जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड से ही हो सकेगी। केवल आरोपों या धरने के आधार पर किसी व्यक्ति या संस्था को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
साहिल का सोनीपत में जन्म और परिवार का दिल्ली में रहना इस मामले में सामने आई महत्वपूर्ण जानकारी है। इससे उसका हरियाणा से संबंध स्पष्ट होता है, जबकि वर्तमान पारिवारिक निवास दिल्ली में बताया जा रहा है।
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर सकती है। इसमें घटनास्थल, पैलेट गन के इस्तेमाल की परिस्थितियां, जिम्मेदार लोगों की पहचान और साहिल को लगी चोट से संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड शामिल हो सकते हैं।
परिवार को उम्मीद है कि उनकी शिकायत पर जल्द कार्रवाई होगी। उनका कहना है कि आंख की रोशनी जाने जैसी गंभीर चोट के मामले में जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।
धरने के दौरान साहिल ने अपनी मांग को सामने रखा और कार्रवाई की अपील की। करीब 6 घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद भी FIR और जांच से जुड़ी मांग मामले के केंद्र में बनी हुई है।
फिलहाल साहिल की पहचान और उसके हरियाणा कनेक्शन को लेकर जानकारी सामने आई है। वह वर्तमान में अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहता है और FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर आवाज उठा रहा है।
अब संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर बनी हुई है। FIR दर्ज होने और जांच आगे बढ़ने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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