पंचकूला में डॉग कैचर वाहनों पर निगम की नजर, GPS से होगी हर मूवमेंट की निगरानी

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नई टेंडर शर्तों में सख्ती, शिकायत का 6 घंटे में समाधान नहीं हुआ तो एजेंसी पर लगेगा जुर्माना

पंचकूला नगर निगम ने आवारा कुत्तों को पकड़ने वाली एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर निगरानी बढ़ाने की तैयारी की है। निगम की ओर से जारी टेंडर में डॉग कैचर वाहनों को GPS ट्रैकिंग सिस्टम से लैस रखना अनिवार्य किया गया है। इसके जरिए अधिकारियों को वाहनों की लोकेशन और उनकी आवाजाही की जानकारी मिल सकेगी।

नई व्यवस्था का उद्देश्य डॉग कैचर वाहनों की वास्तविक गतिविधियों पर नजर रखना और कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाना है। GPS के माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि वाहन किस क्षेत्र में पहुंचा, कितनी देर वहां रहा और निर्धारित शिकायत के अनुसार कार्रवाई की गई या नहीं। इससे एजेंसी के काम की निगरानी करना निगम के लिए आसान होगा।

टेंडर में शिकायतों के निपटारे को लेकर भी स्पष्ट समय सीमा तय की गई है। यदि किसी शिकायत का छह घंटे के भीतर समाधान नहीं किया जाता है, तो संबंधित एजेंसी पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। इस प्रावधान का उद्देश्य शिकायतों को लंबित रखने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

नगर निगम की यह पहल खास तौर पर उन शिकायतों के समाधान में मददगार हो सकती है, जिनमें आवारा कुत्तों के कारण लोगों को परेशानी या सुरक्षा संबंधी चिंता होती है। शिकायत मिलने के बाद संबंधित टीम को तय समय के भीतर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करनी होगी।

GPS आधारित निगरानी से निगम अधिकारियों के पास एजेंसी के काम का रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहेगा। इससे वाहन की लोकेशन और कार्रवाई के संबंध में जवाबदेही तय करना आसान होगा। यदि एजेंसी निर्धारित शर्तों का पालन नहीं करती है तो टेंडर की शर्तों के अनुसार आर्थिक दंड भी लगाया जा सकेगा।

नगर निगम की नई शर्तों के लागू होने के बाद डॉग कैचर एजेंसियों की कार्यप्रणाली में जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है। अब यह देखना होगा कि GPS व्यवस्था और जुर्माने की शर्त जमीन पर शिकायतों के त्वरित समाधान में कितनी प्रभावी साबित होती है।

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