CM सैनी के नूंह दौरे से पहले कई कांग्रेस नेता नजरबंद, विधायक ने वीडियो जारी कर साधा निशाना; राव इंद्रजीत रहे गैरहाजिर

3
Nayab Singh Saini

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नूंह दौरे के दौरान सियासी माहौल गरमा गया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले कई कांग्रेस नेताओं को कथित तौर पर हाउस अरेस्ट किए जाने की बात सामने आई है। इस कार्रवाई पर एक कांग्रेस विधायक ने वीडियो जारी कर सरकार पर निशाना साधा और लिखा कि “मुख्यमंत्री डरता है, पुलिस आगे करता है।” वहीं कार्यक्रम के लिए निमंत्रण होने के बावजूद केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के नहीं पहुंचने की बात भी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नूंह दौरे को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। कार्यक्रम से पहले पुलिस और प्रशासन की टीमें सक्रिय रहीं।

इसी बीच कांग्रेस के कई नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें घरों से बाहर निकलने नहीं दिया गया और पुलिस तैनात कर उन्हें नजरबंद कर दिया गया।

कांग्रेस नेताओं की कथित नजरबंदी के बाद मामला राजनीतिक विवाद में बदल गया।

एक कांग्रेस विधायक ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए मुख्यमंत्री और सरकार पर निशाना साधा। विधायक ने दावा किया कि सरकार विपक्ष की आवाज से डर रही है।

उन्होंने वीडियो के साथ लिखा- “मुख्यमंत्री डरता है, पुलिस आगे करता है।”

यह बयान विधायक का राजनीतिक आरोप है। संबंधित नेताओं को किन कारणों और किन कानूनी परिस्थितियों में रोका गया, इस पर पुलिस-प्रशासन का आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण रहेगा।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठाना चाहते थे।

विपक्षी नेताओं को नजरबंद किए जाने के आरोप के बाद कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

वहीं प्रशासन के स्तर पर मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रमुख जिम्मेदारी होती है।

ऐसे में पुलिस ने नेताओं को एहतियातन रोका या किसी अन्य कारण से कार्रवाई की, इसकी स्थिति आधिकारिक जानकारी से स्पष्ट होगी।

CM सैनी के नूंह कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और गुरुग्राम से सांसद राव इंद्रजीत सिंह की अनुपस्थिति भी चर्चा में रही।

बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के लिए उन्हें निमंत्रण दिया गया था, लेकिन वह इसमें शामिल नहीं हुए।

राव इंद्रजीत सिंह की गैरमौजूदगी के बाद राजनीतिक हलकों में अलग-अलग चर्चाएं शुरू हो गईं।

हालांकि केवल किसी कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के आधार पर राजनीतिक मतभेद या नाराजगी का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। उनकी अनुपस्थिति का वास्तविक कारण उनके या उनके कार्यालय के आधिकारिक पक्ष से ही स्पष्ट हो सकता है।

नूंह की राजनीति में BJP और कांग्रेस दोनों की गतिविधियों पर लगातार नजर रहती है। क्षेत्र के विकास और स्थानीय मुद्दों को लेकर दोनों दल एक-दूसरे पर सवाल उठाते रहे हैं।

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान कांग्रेस नेताओं की कथित नजरबंदी ने स्थानीय राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।

कांग्रेस इस मुद्दे को सरकार द्वारा विपक्ष की आवाज दबाने के आरोप से जोड़ सकती है, जबकि सरकार और प्रशासन सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था के आधार पर अपना पक्ष रख सकते हैं।

विधायक द्वारा सोशल मीडिया पर जारी वीडियो भी तेजी से राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन गया है।

वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस का जवाब इस पूरे विवाद को समझने के लिए जरूरी है।

अब नजर इस बात पर भी रहेगी कि नजरबंद किए जाने का दावा करने वाले कांग्रेस नेता इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत या राजनीतिक कार्यक्रम करते हैं या नहीं।

इसके साथ ही राव इंद्रजीत सिंह की कार्यक्रम से दूरी को लेकर उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं, यह भी महत्वपूर्ण रहेगा।

फिलहाल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नूंह दौरे के दौरान कई कांग्रेस नेताओं को कथित तौर पर हाउस अरेस्ट किए जाने के आरोप से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस विधायक ने वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला है, जबकि निमंत्रण के बावजूद राव इंद्रजीत सिंह की गैरमौजूदगी ने भी सियासी चर्चाओं को हवा दी है।

Loading